{"s":"dev","lang":"hi","v":{"refrain":{"l":["आरती कीजै हनुमान लला की।","दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥"],"w":["आरती","कीजै","हनुमान","लला","की","दुष्टदलन","रघुनाथ","कला"]},"verse-1":{"l":["जाके बल से गिरिवर काँपै।","रोग-दोष जाके निकट न झाँपै॥","अंजनि पुत्र महा बलदाई।","संतन के प्रभु सदा सहाई॥"]},"verse-2":{"l":["दे बीरा रघुनाथ पठाये।","लंका जारि सीय सुधि लाये॥","लंका सो कोट समुद्र सी खाई।","जात पवनसुत बार न लाई॥"]},"verse-3":{"l":["लंका जारि असुर संहारे।","सियारामजी के काज सँवारे॥","लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।","आनि सजीवन प्रान उबारे॥"]},"verse-4":{"l":["पैठि पताल तोरि जम-कारे।","अहिरावन की भुजा उखारे॥","बायें भुजा असुर दल मारे।","दहिने भुजा संतजन तारे॥"]},"verse-5":{"l":["सुर नर मुनि आरती उतारे।","जै जै जै हनुमान उचारे॥","कंचन थार कपूर लौ छाई।","आरति करत अंजना माई॥"]},"verse-6":{"l":["जो हनुमानजी की आरति गावै।","बसि बैकुंठ परमपद पावै॥"]}}}