{"s":"dev","lang":"hi","v":{"refrain":{"l":["ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।","तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥"]},"stanza-1":{"l":["उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।","सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥"]},"stanza-2":{"l":["दुर्गा रूप निरंजनी, सुख-सम्पत्ति दाता।","जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥"]},"stanza-3":{"l":["तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।","कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥"]},"stanza-4":{"l":["जिस घर तुम रहती, तहँ सब सद्गुण आता।","सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥"]},"stanza-5":{"l":["तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।","खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥"]},"stanza-6":{"l":["शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।","रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥"]},"stanza-7":{"l":["महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता।","उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥"]}}}