Nityaनित्य
कुबेर मंत्र
Kuber Mantra
कुबेर मंत्र "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये" देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर की सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना है, जिसमें धन-धान्य की समृद्धि माँगी जाती है। इस पृष्ठ पर दक्षिण भारत के मंदिरों में मंत्रपुष्प में गाया जाने वाला वैदिक "राजाधिराजाय" मंत्र और छोटा "ॐ कुबेराय नमः" भी दिया है। धनतेरस और दीपावली पर लोग प्रायः माला पर १०८ बार इनका जप करते हैं।
मंत्र १
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये।
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
ॐ। यक्षों के स्वामी, वैश्रवण, धन-धान्य के अधिपति कुबेर को यह आहुति। मुझे धन-धान्य की समृद्धि दीजिए और दिलवाइए। स्वाहा।
मंत्र २
राजाधिराजाय प्रसह्यसाहिने।
नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे।
स मे कामान्कामकामाय मह्यम्।
कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु।
कुबेराय वैश्रवणाय।
महाराजाय नमः॥
राजाओं के राजा, जो सबको सहज ही जीत लेते हैं, उन वैश्रवण को हम नमस्कार करते हैं। कामनाओं के स्वामी वैश्रवण मुझ कामना करने वाले की कामनाएँ पूरी करें। वैश्रवण कुबेर महाराज को नमस्कार।
मंत्र ३
ॐ कुबेराय नमः॥
ॐ, कुबेर को नमस्कार है।