कुबेर मंत्र

Kuber Mantra

कुबेर मंत्र "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये" देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर की सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना है, जिसमें धन-धान्य की समृद्धि माँगी जाती है। इस पृष्ठ पर दक्षिण भारत के मंदिरों में मंत्रपुष्प में गाया जाने वाला वैदिक "राजाधिराजाय" मंत्र और छोटा "ॐ कुबेराय नमः" भी दिया है। धनतेरस और दीपावली पर लोग प्रायः माला पर १०८ बार इनका जप करते हैं।

  • 3 पद
  • 1 मिनट
  • पारंपरिक; मंत्र २ वैदिक है (तैत्तिरीय आरण्यक)

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ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये।Om Yakshaya Kuberaya Vaishravanaya Dhanadhanyadhipataye

धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥Dhanadhanya Samriddhim Me Dehi Dapaya Svaha

ॐ। यक्षों के स्वामी, वैश्रवण, धन-धान्य के अधिपति कुबेर को यह आहुति। मुझे धन-धान्य की समृद्धि दीजिए और दिलवाइए। स्वाहा।

राजाधिराजाय प्रसह्यसाहिने।Rajadhirajaya Prasahya Sahine

नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे।Namo Vayam Vaishravanaya Kurmahe

स मे कामान्कामकामाय मह्यम्।Sa Me Kaman Kamakamaya Mahyam

कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु।Kameshvaro Vaishravano Dadatu

कुबेराय वैश्रवणाय।Kuberaya Vaishravanaya

महाराजाय नमः॥Maharajaya Namah

राजाओं के राजा, जो सबको सहज ही जीत लेते हैं, उन वैश्रवण को हम नमस्कार करते हैं। कामनाओं के स्वामी वैश्रवण मुझ कामना करने वाले की कामनाएँ पूरी करें। वैश्रवण कुबेर महाराज को नमस्कार।

ॐ कुबेराय नमः॥Om Kuberaya Namah

ॐ, कुबेर को नमस्कार है।

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प्रश्न

कुबेर मंत्र का जप कितनी बार करें?

माला की एक माला यानी १०८ बार सामान्य गिनती है। समय कम हो तो ध्यान से ११ या २१ बार भी ठीक है।

क्या धनतेरस या दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद कुबेर मंत्र जप सकते हैं?

हाँ। धनतेरस की शाम कुबेर पूजा का परंपरागत समय है, और दीपावली की रात बहुत से परिवार लक्ष्मी पूजन के बाद उत्तर की ओर मुख करके, दीपक जलाकर इसका जप करते हैं। परंपरा कहती है कि जहाँ पहले लक्ष्मी की पूजा होती है, वहाँ कुबेर कृपा करते हैं।

क्या कुबेर मंत्र से धन मिलता है?

परंपरा कहती है कि इससे ऐसे धन का आशीर्वाद मिलता है जो टिके और अच्छे काम में लगे। यह प्रार्थना है, धन की कोई गारंटी नहीं। परिवार इसके साथ ईमानदार परिश्रम और दान भी करते हैं, जो परंपरा भी कहती है।

कौन सा कुबेर मंत्र चुनें?

जप के लिए पहला मंत्र "ॐ यक्षाय कुबेराय" सबसे प्रचलित है। दक्षिण भारतीय मंदिर-परंपरा मानने वाले परिवार वैदिक "राजाधिराजाय" मंत्र पूजा के अंत में सुनते हैं। बच्चों और नए लोगों के लिए "ॐ कुबेराय नमः" सबसे आसान है।

स्रोत और समीक्षा

स्रोत: Mantra 1: drikpanchang.com (Shri Kubera mantra, Hindi), cross-checked with shlokam.org (Kubera Mantra) and shubhpanchang.com (Kubera panchatrimsha mantra). Mantra 2: Taittiriya Aranyaka, as printed in sanskritdocuments.org mantrapushpa.itx (with and without svaras) and "Prabhata Stotranidhi" (stotranidhi.com, Mantrapushpam). Mantra 3: first of the 108 names of Kuber on drikpanchang.com

Mantra 1 is identical word for word in all three sources. Mantra 2 is identical in both sources once svara marks are removed; stotranidhi.com prefixes "ओं", which we leave out as it is not part of the Aranyaka text, and we omit accents. For mantra 3, shubhpanchang.com gives "ॐ श्रीकुबेराय नमः". Several "Kuber Gayatri" and bija forms circulate with differing wording and no source we could confirm, so we have not included them.

मूल पाठ को यहाँ बताए गए स्रोतों से पंक्ति-दर-पंक्ति मिलाया गया है। अर्थ AI की मदद से लिखा गया मसौदा हैं। अभी किसी विद्वान ने इनकी जाँच नहीं की है।

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त्रुटि बताएँ अंतिम अद्यतन 2026-10-03

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