बसंत पंचमी 2027
बसंत पंचमी माँ सरस्वती का पर्व है, जो माघ शुक्ल पंचमी को वसंत के आगमन पर मनाया जाता है। लोग पीले कपड़े पहनते हैं और सुबह की पूजा में किताबें, कलम और वाद्य माँ के सामने रखते हैं। 2027 में भारत में यह गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को है।
भारत की तिथि
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027
Magha Shukla Panchami; Saraswati puja in the forenoon (New Delhi)
दुनिया भर की तिथियाँ · 2027
| क्षेत्र | तिथि | समय |
|---|---|---|
| भारतनई दिल्ली | गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 | Magha Shukla Panchami; Saraswati puja in the forenoon (New Delhi) |
| अमेरिका (पूर्व)एडिसन, न्यू जर्सी | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| अमेरिका (पश्चिम)सैन होज़े, कैलिफ़ोर्निया | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| ब्रिटेनलंदन | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| कनाडाटोरंटो | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| ऑस्ट्रेलियासिडनी | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
तिथि स्रोत: drikpanchang.com (नई दिल्ली). हर क्षेत्र और वर्ष की तिथि उद्धृत प्रकाशित पंचांग से ली गई है; जिन क्षेत्रों की पुष्टि नहीं हो सकी, वे छोड़ दिए गए हैं।
परिचय
सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में की जाती है, जब तक पंचमी तिथि रहे। विद्यार्थी अपनी किताबें, कलम और वाद्य माँ के सामने रखते हैं। बहुत से घरों में छोटे बच्चों का विद्यारंभ इसी दिन होता है, यानी बच्चा पहली बार अक्षर लिखता है। इस दिन पीला रंग हर तरफ़ दिखता है: सरसों के खेत फूले होते हैं, लोग पीले कपड़े पहनते हैं और माँ को केसरिया चावल या पीली मिठाई का भोग लगाते हैं।
बंगाल और पूर्वी भारत में यह सरस्वती पूजा के नाम से स्कूल-कॉलेजों में बड़े उत्साह से मनाई जाती है। आंध्र और तेलंगाना में इसे श्री पंचमी कहते हैं।
पूजा विधि
हर चरण पूरा होने पर टिक करते जाएँ। ये टिक केवल इसी डिवाइस पर रहते हैं।
रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। जहाँ अंतर हो, अपनी पारिवारिक परंपरा और मंदिर का पालन करें।
पूजा सामग्री
पाठ करें
प्रश्न
2027 में बसंत पंचमी भारत में कब है?
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को (नई दिल्ली पंचांग)। सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में, पंचमी रहते होती है, इसलिए पूजा सुबह रखें।
हम विदेश में रहते हैं। क्या हमारे यहाँ भी यही तारीख़ है?
हम यहाँ सिर्फ़ भारत की तारीख़ देते हैं। विदेश में दिन एक आगे-पीछे हो सकता है, क्योंकि तिथि वहाँ के सूर्योदय से देखी जाती है। पूजा तय करने से पहले अपने नज़दीकी मंदिर से पूछ लें।
बसंत पंचमी पर पीला रंग क्यों पहनते हैं?
वसंत की शुरुआत में सरसों के खेत पीले फूलों से भर जाते हैं। उत्तर भारत में पीला रंग माँ सरस्वती का प्रिय माना जाता है, इसलिए पीले कपड़े पहनते हैं और केसरिया चावल या पीली मिठाई का भोग लगाते हैं।
क्या बच्चे का विद्यारंभ इसी दिन करें?
हाँ, बहुत से परिवार इसी दिन विद्यारंभ कराते हैं। माता-पिता या पंडित जी बच्चे का हाथ पकड़कर पहले अक्षर लिखवाते हैं, कई घरों में चावल से भरी थाली पर।
क्या पूजा वीकेंड पर कर सकते हैं?
पूजा का दिन तिथि से तय होता है, इसलिए हो सके तो गुरुवार सुबह घर में छोटी-सी पूजा कर लें, स्कूल या दफ़्तर से पहले ही सही। विदेश के कई मंदिरों में नज़दीकी वीकेंड पर सामूहिक सरस्वती पूजा होती है। उसमें भी ज़रूर जाएँ।