श्रीकृष्ण
శ్రీకృష్ణుడుஸ்ரீகிருஷ்ணர்Shri Krishna
अन्य नाम: Kanha · Kanhaiya · Govinda · Gopal · Laddu Gopal · Banke Bihari · Kunj Bihari · Murari · Girdhari · Shyam · Vasudeva · Keshava · Madhava · Kannan · Krishnayya
श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं, वृंदावन के मुरली वाले ग्वाले और भगवद्गीता के उपदेशक। बहुत से घरों में लड्डू गोपाल के रूप में उनकी सेवा होती है, और जन्माष्टमी की आधी रात को उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है।
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- कृष्ण जन्माष्टमी · गोवर्धन पूजा · होली
श्रीकृष्ण के पाठ
कथा
श्रीकृष्ण का जन्म आधी रात को मथुरा के कारागार में हुआ। वे देवकी और वसुदेव की आठवीं संतान थे। उनसे पहले की संतानों को अत्याचारी राजा कंस मार चुका था। उसी रात वसुदेव जी बालक को उफनती यमुना के पार गोकुल ले गए, जहाँ नंद बाबा और यशोदा मैया ने उन्हें पाला। इसीलिए जन्माष्टमी आधी रात को मनाई जाती है। घरों में पालना झुलाते हैं और गीत गाकर लाला का स्वागत करते हैं।
गोकुल और वृंदावन में वे पड़ोसियों के घर से माखन चुराते थे, और उनकी मुरली सुनकर गोपियाँ और गायें तक दौड़ी चली आती थीं। उन्होंने कालिय नाग का दमन किया। जब इंद्र ने भारी वर्षा की, तब उन्होंने छोटी उँगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया और सारा गाँव उसके नीचे बच गया। भक्त राधा जी के प्रेम को भक्ति का सबसे ऊँचा रूप मानते हैं। बाद में कृष्ण मथुरा लौटे, कंस का अंत किया और द्वारका के राजा बने।
कुरुक्षेत्र में वे अर्जुन के सारथी बने और वहीं भगवद्गीता का उपदेश दिया। गीता कर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग की बात करती है। वल्लभाचार्य, सूरदास, मीराबाई और चैतन्य महाप्रभु जैसे संतों ने उनके गीत गाए। आज बहुत से घरों में लड्डू गोपाल की सेवा होती है। वृंदावन में वे बाँके बिहारी के रूप में पूजे जाते हैं, नाथद्वारा में श्रीनाथजी के रूप में, और दक्षिण में गुरुवायूर और उडुपी में।