गणेश चतुर्थी 2027
गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा को घर लाने का त्योहार है। मुख्य पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है और मूर्ति डेढ़ दिन से लेकर दस दिन, यानी अनंत चतुर्दशी तक रखी जाती है। 2027 में भारत में यह शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है।
भारत की तिथि
शनिवार, 4 सितंबर 2027
Bhadrapada Shukla Chaturthi; puja in the Madhyahna (midday) muhurat (New Delhi)
दुनिया भर की तिथियाँ · 2027
| क्षेत्र | तिथि | समय |
|---|---|---|
| भारतनई दिल्ली | शनिवार, 4 सितंबर 2027 | Bhadrapada Shukla Chaturthi; puja in the Madhyahna (midday) muhurat (New Delhi) |
| अमेरिका (पूर्व)एडिसन, न्यू जर्सी | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| अमेरिका (पश्चिम)सैन होज़े, कैलिफ़ोर्निया | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| ब्रिटेनलंदन | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| कनाडाटोरंटो | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
| ऑस्ट्रेलियासिडनी | इस क्षेत्र की तिथि की हमने अभी पुष्टि नहीं की है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर से पूछ लें। | |
तिथि स्रोत: drikpanchang.com (नई दिल्ली). हर क्षेत्र और वर्ष की तिथि उद्धृत प्रकाशित पंचांग से ली गई है; जिन क्षेत्रों की पुष्टि नहीं हो सकी, वे छोड़ दिए गए हैं।
परिचय
माना जाता है कि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए प्राण-प्रतिष्ठा और षोडशोपचार पूजा मध्याह्न मुहूर्त में की जाती है। परिवार मिट्टी की मूर्ति घर लाते हैं, 21 दूर्वा और मोदक चढ़ाते हैं और डेढ़, तीन, पाँच, सात या दस दिन बाद विसर्जन करते हैं। चतुर्थी की रात चाँद न देखने की परंपरा है।
महाराष्ट्र में गली-गली पंडाल सजते हैं। तेलुगु घरों में 21 तरह के पत्तों से पत्री पूजा होती है और तमिल घरों में कोझुकट्टै का भोग लगता है।
पूजा विधि
हर चरण पूरा होने पर टिक करते जाएँ। ये टिक केवल इसी डिवाइस पर रहते हैं।
रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। जहाँ अंतर हो, अपनी पारिवारिक परंपरा और मंदिर का पालन करें।
पूजा सामग्री
पाठ करें
प्रश्न
2027 में गणेश चतुर्थी भारत में कब है?
शनिवार, 4 सितंबर 2027 को (नई दिल्ली पंचांग)। मुख्य पूजा दोपहर में होती है। जो परिवार पूरे दस दिन बप्पा को रखते हैं, उनका उत्सव अनंत चतुर्दशी तक चलता है।
हम विदेश में रहते हैं। क्या हमारे यहाँ भी यही तारीख़ है?
हम सिर्फ़ भारत की तारीख़ देते हैं। विदेश में दिन एक आगे-पीछे हो सकता है, क्योंकि चतुर्थी वहाँ के समय से देखी जाती है। अपने नज़दीकी मंदिर से पूछ लें।
गणेश चतुर्थी पर चाँद क्यों नहीं देखते?
पुराण की कथा है कि चंद्रमा ने गणेश जी का मज़ाक उड़ाया और उसे शाप मिला। कहते हैं इस रात चाँद देखने से झूठा कलंक लगता है। भूल से दिख जाए तो स्यमंतक मणि की कथा सुन लें।
बप्पा को कितने दिन घर में रखें?
अपने घर की परंपरा के अनुसार। डेढ़ दिन बहुत आम है, कई लोग तीन, पाँच, सात या दस दिन रखते हैं।
विदेश में विसर्जन कैसे करें?
कई परिवार मिट्टी की मूर्ति का विसर्जन घर पर ही पानी की बाल्टी या टब में करते हैं। मिट्टी घुल जाने पर वह पानी बगीचे या गमले में डाल देते हैं। कुछ मंदिर भी विसर्जन का इंतज़ाम करते हैं। झील या समुद्र तट पर जाने से पहले वहाँ के नियम देख लें। धातु या पत्थर की मूर्ति का विसर्जन नहीं होता, उत्तर पूजा करके उसे वापस मंदिर में रख दें।