43 में से पद 13

श्री हनुमान चालीसा: चौपाई ११

लाय सजीवन लखन जियाये। Laye Sajivan Lakhan Jiyaye

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥ Shri Raghubir Harashi Ur Laye

भावार्थ

आपने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को जीवित किया, जिससे श्री रघुवीर ने प्रसन्न होकर आपको हृदय से लगा लिया।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
लाय Laye लाकर
सजीवन Sajivan संजीवनी बूटी
लखन Lakhan लक्ष्मण जी को
जियाये Jiyaye जीवित किया
श्रीरघुबीर Shri Raghubir श्रीराम
हरषि Harashi प्रसन्न होकर
उर Ur हृदय से
लाये Laye लगा लिया

इस पद का महत्व

लंकाकांड का प्रसंग: मेघनाद की शक्ति से लक्ष्मण जी के मूर्छित होने पर हनुमान जी हिमालय से संजीवनी बूटी वाला पूरा पर्वत ही उठा लाए।

यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
IAST (scholarly)
lāya sajīvana lakhana jiyāye|śrīraghubīra haraṣi ura lāye||
Telugu
లాయ్ సజీవన్ లఖన్ జియాయే।శ్రీరఘుబీర్ హరషి ఉర్ లాయే॥
Tamil
லாய் ஸஜீவந் லக²ந் ஜியாயே।ஶ்ரீரகு⁴பீ³ர் ஹரஷி உர் லாயே॥
Kannada
ಲಾಯ್ ಸಜೀವನ್ ಲಖನ್ ಜಿಯಾಯೇ।ಶ್ರೀರಘುಬೀರ್ ಹರಷಿ ಉರ್ ಲಾಯೇ॥
Malayalam
ലായ് സജീവന് ലഖന് ജിയായേ।ശ്രീരഘുബീര് ഹരഷി ഉര് ലായേ॥
Gujarati
લાય્ સજીવન્ લખન્ જિયાયે।શ્રીરઘુબીર્ હરષિ ઉર્ લાયે॥
Bengali
লায্ সজীবন্ লখন্ জিযাযে।শ্রীরঘুবীর্ হরষি উর্ লাযে॥

पूरे पाठ पर लौटें