43 में से पद 16

श्री हनुमान चालीसा: चौपाई १४

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। Sanakadik Brahmadi Munisa

नारद सारद सहित अहीसा॥ Narad Sarad Sahit Ahisa

भावार्थ

सनक आदि ऋषि, ब्रह्मा आदि देवता, बड़े-बड़े मुनि, नारद, सरस्वती और शेषनाग भी…

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
सनकादिक Sanakadik सनक आदि ऋषि
ब्रह्मादि Brahmadi ब्रह्मा आदि देवता
मुनीसा Munisa श्रेष्ठ मुनि
नारद Narad नारद मुनि
सारद Sarad सरस्वती
सहित Sahit सहित
अहीसा Ahisa शेषनाग

इस पद का महत्व

चौपाई १४ और १५ मिलकर एक वाक्य बनाती हैं: ये सब महान सत्ताएँ भी हनुमान जी का यश पूरा नहीं कह सकतीं।

यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
IAST (scholarly)
sanakādika brahmādi munīsā|nārada sārada sahita ahīsā||
Telugu
సనకాదిక్ బ్రహ్మాది మునీసా।నారద్ సారద్ సహిత్ అహీసా॥
Tamil
ஸநகாதி³க் ப்³ரஹ்மாதி³ முநீஸா।நாரத்³ ஸாரத்³ ஸஹித் அஹீஸா॥
Kannada
ಸನಕಾದಿಕ್ ಬ್ರಹ್ಮಾದಿ ಮುನೀಸಾ।ನಾರದ್ ಸಾರದ್ ಸಹಿತ್ ಅಹೀಸಾ॥
Malayalam
സനകാദിക് ബ്രഹ്മാദി മുനീസാ।നാരദ് സാരദ് സഹിത് അഹീസാ॥
Gujarati
સનકાદિક્ બ્રહ્માદિ મુનીસા।નારદ્ સારદ્ સહિત્ અહીસા॥
Bengali
সনকাদিক্ ব্রহ্মাদি মুনীসা।নারদ্ সারদ্ সহিত্ অহীসা॥

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