43 में से पद 7

श्री हनुमान चालीसा: चौपाई ५

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। Hath Bajra Au Dhvaja Birajai

काँधे मूँज जनेऊ साजै॥ Kandhe Moonj Janeu Sajai

भावार्थ

आपके हाथों में वज्र और ध्वजा सुशोभित हैं और कंधे पर मूँज का जनेऊ शोभा देता है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
हाथ Hath हाथों में
बज्र Bajra वज्र (गदा)
औ Au और
ध्वजा Dhvaja ध्वजा
बिराजै Birajai सुशोभित हैं
काँधे Kandhe कंधे पर
मूँज Moonj मूँज घास
जनेऊ Janeu यज्ञोपवीत
साजै Sajai शोभा देता है

इस पद का महत्व

अनेक टीकाकार यहाँ 'बज्र' को हनुमान जी की गदा मानते हैं, जो वज्र के समान प्रहार करती है।

यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
IAST (scholarly)
hātha bajra au dhvajā birājai|kām̐dhe mūm̐ja janeū sājai||
Telugu
హాథ్ బజ్ర ఔ ధ్వజా బిరాజై।కాఁధే మూఁజ్ జనేఊ సాజై॥
Tamil
ஹாத்² ப³ஜ்ர ஔ த்⁴வஜா பி³ராஜை।காந்தே⁴ மூஞ்ஜ் ஜநேஊ ஸாஜை॥
Kannada
ಹಾಥ್ ಬಜ್ರ ಔ ಧ್ವಜಾ ಬಿರಾಜೈ।ಕಾಁಧೇ ಮೂಁಜ್ ಜನೇಊ ಸಾಜೈ॥
Malayalam
ഹാഥ് ബജ്ര ഔ ധ്വജാ ബിരാജൈ।കാഁധേ മൂഁജ് ജനേഊ സാജൈ॥
Gujarati
હાથ્ બજ્ર ઔ ધ્વજા બિરાજૈ।કાઁધે મૂઁજ્ જનેઊ સાજૈ॥
Bengali
হাথ্ বজ্র ঔ ধ্বজা বিরাজৈ।কাঁধে মূঁজ্ জনেঊ সাজৈ॥

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