वैकुण्ठ एकादशी 2026
वैकुण्ठ एकादशी सौर धनु मास (धनुर्मास) में पड़ने वाली शुक्ल एकादशी है। मान्यता है कि इस दिन वैकुण्ठ के द्वार खुलते हैं, और तिरुमला, श्रीरंगम जैसे विष्णु मंदिरों में भोर में उत्तर द्वार दर्शन के लिए खोला जाता है। 2026 में यह भारत और अमेरिका में रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है।
भारत की तिथि
रविवार, 20 दिसंबर 2026
Parana Dec 21, 7:10 AM–9:13 AM (New Delhi)
दुनिया भर की तिथियाँ · 2026
| क्षेत्र | तिथि | समय |
|---|---|---|
| भारतनई दिल्ली | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 7:10 AM–9:13 AM (New Delhi) |
| अमेरिका (पूर्व)एडिसन, न्यू जर्सी | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 7:17 AM–9:09 AM · Smarta Ekadashi Dec 19 (Edison NJ) |
| अमेरिका (पश्चिम)सैन होज़े, कैलिफ़ोर्निया | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 7:18 AM–9:13 AM · Smarta Ekadashi Dec 19 (San Jose CA) |
| ब्रिटेनलंदन | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 8:04 AM–9:38 AM (London) |
| कनाडाटोरंटो | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 7:48 AM–9:35 AM · Smarta Ekadashi Dec 19 (Toronto) |
| ऑस्ट्रेलियासिडनी | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | Parana Dec 21, 7:04 AM–8:34 AM (Sydney) |
तिथि स्रोत: drikpanchang.com (नई दिल्ली, एडिसन, न्यू जर्सी, सैन होज़े, कैलिफ़ोर्निया, लंदन, टोरंटो, सिडनी). हर क्षेत्र और वर्ष की तिथि उद्धृत प्रकाशित पंचांग से ली गई है; जिन क्षेत्रों की पुष्टि नहीं हो सकी, वे छोड़ दिए गए हैं।
परिचय
दक्षिण भारत के बहुत से परिवार इसे साल की सबसे बड़ी एकादशी मानते हैं। भक्त अन्न छोड़कर व्रत रखते हैं, रातभर नाम-जप या विष्णु सहस्रनाम करते हैं और भोर में विष्णु मंदिर के उत्तर द्वार से होकर दर्शन करते हैं। तिरुमला में इसे वैकुण्ठ द्वारम कहते हैं, और पिछले कुछ सालों से TTD इसे एकादशी से दस दिन तक खुला रखता है। श्रीरंगम में यह परमपद वासल है।
2026 में इसी दिन उत्तर भारत के पंचांगों में मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती भी है। पर हर साल ऐसा नहीं होता। वैकुण्ठ एकादशी सौर धनु मास से तय होती है, इसलिए कुछ सालों में यह मोक्षदा एकादशी से लगभग एक महीने बाद पड़ती है।
पूजा विधि
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रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। जहाँ अंतर हो, अपनी पारिवारिक परंपरा और मंदिर का पालन करें।
पूजा सामग्री
पाठ करें
- ॐ जय जगदीश हरेॐ जय जगदीश हरे सबसे प्रसिद्ध हिंदू आरतियों में से एक है। यह भगवान विष्णु को "जगदीश" यानी जगत के स्वामी कहकर गाया जाने वाला हिंदी भजन है, जिसे पंजाब के पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी ने लगभग १८७० में रचा। इसमें एक टेक और सात पद हैं, जिनमें दुःख दूर करने, दोष क्षमा करने और श्रद्धा बढ़ाने की प्रार्थना है। भारत और विदेशों में बहुत से परिवार अपनी पूजा और सत्यनारायण कथा इसी आरती से पूरी करते हैं।
- श्री वेंकटेश सुप्रभातम्श्री वेंकटेश सुप्रभातम् वह प्रभात-स्तोत्र है जिससे रोज़ सुबह तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर को जगाया जाता है, और परंपरा से इसे सूर्योदय से पहले गाया या सुना जाता है। इसके २९ संस्कृत श्लोक १५वीं शताब्दी में प्रतिवादि भयंकरम् अण्णन् ने रचे, और इसकी शुरुआत रामायण में बालक राम से कहे गए विश्वामित्र के वचन "कौसल्या सुप्रजा राम" से होती है। इस पृष्ठ पर ये २९ श्लोक हैं; प्रातःपाठ में इनके बाद आने वाले स्तोत्रम्, प्रपत्ति और मंगलाशासनम् अभी यहाँ नहीं हैं।
प्रश्न
2026 में वैकुण्ठ एकादशी भारत में कब है?
रविवार, 20 दिसंबर 2026 को (नई दिल्ली पंचांग)। पारण अगली सुबह, सोमवार 21 दिसंबर को 7:10 से 9:13 के बीच।
अमेरिका में वैकुण्ठ एकादशी 2026 कब है?
रविवार, 20 दिसंबर 2026, न्यू जर्सी और कैलिफ़ोर्निया दोनों में। सोमवार 21 दिसंबर को पारण एडिसन (न्यू जर्सी) में 7:17 से 9:09 और सैन होज़े (कैलिफ़ोर्निया) में 7:18 से 9:13 तक। कुछ अमेरिकी पंचांगों में स्मार्त एकादशी शनिवार 19 दिसंबर को दिखती है; इसका कारण अगले सवाल में है।
ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में वैकुण्ठ एकादशी 2026 कब है?
लंदन, टोरंटो और सिडनी तीनों में रविवार, 20 दिसंबर 2026। 21 दिसंबर को पारण लंदन में 8:04 से 9:38, टोरंटो में 7:48 से 9:35 और सिडनी में 7:04 से 8:34 तक।
कुछ पंचांगों में शनिवार 19 दिसंबर क्यों लिखा है?
स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में एकादशी तय करने के नियम थोड़े अलग हैं। अगर सूर्योदय से पहले दशमी छू रही हो तो वैष्णव वह एकादशी छोड़कर अगले दिन व्रत रखते हैं। 2026 में न्यू जर्सी, कैलिफ़ोर्निया और टोरंटो में स्मार्त एकादशी शनिवार और वैष्णव एकादशी रविवार है। विष्णु मंदिर आमतौर पर वैष्णव तिथि मानते हैं, इसलिए अपने मंदिर से पूछ लें कि वैकुण्ठ द्वार किस दिन खुलेगा।
वैकुण्ठ द्वार कब खुलता है?
एकादशी को भोर से पहले। तिरुमला में पिछले कुछ सालों से TTD इसे एकादशी से दस दिन तक खुला रखता है और टोकन पहले से देता है। विदेश के मंदिर अपना समय ख़ुद तय करते हैं, इसलिए अपने मंदिर से पता कर लें।
वैकुण्ठ एकादशी और मोक्षदा एकादशी में क्या अंतर है?
2026 में दोनों एक ही दिन, 20 दिसंबर को हैं। पर हर साल नहीं। मोक्षदा एकादशी चांद्र मार्गशीर्ष मास से तय होती है और वैकुण्ठ एकादशी सौर धनु मास से, इसलिए कुछ सालों में दोनों में लगभग एक महीने का अंतर होता है।
क्या 2027 में वैकुण्ठ एकादशी है?
नहीं। इस मौसम की एकादशी 20 दिसंबर 2026 को है और अगली 2028 में पड़ेगी।