19 में से पद 12

कनकधारा स्तोत्रम्: श्लोक १२

नमोऽस्तु नालीकनिभाननायै Namostu Nalika Nibhananayai

नमोऽस्तु दुग्धोदधिजन्मभूम्यै। Namostu Dugdhodadhi Janma Bhumyai

नमोऽस्तु सोमामृतसोदरायै Namostu Somamrita Sodarayai

नमोऽस्तु नारायणवल्लभायै॥ Namostu Narayana Vallabhayai

भावार्थ

कमल जैसे मुख वाली को नमस्कार। क्षीरसागर से प्रकट होने वाली को नमस्कार। चंद्रमा और अमृत की बहन को नमस्कार। नारायण की प्रिया को नमस्कार।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
नमोऽस्तु Namostu नमस्कार हो
नालीकनिभाननायै Nalika Nibhananayai कमल जैसे मुख वाली को
दुग्धोदधिजन्मभूम्यै Dugdhodadhi Janma Bhumyai क्षीरसागर जिनकी जन्मभूमि है
सोमामृतसोदरायै Somamrita Sodarayai चंद्रमा और अमृत की बहन को
नारायणवल्लभायै Narayana Vallabhayai नारायण की प्रिया को

इस पद का महत्व

चंद्रमा और अमृत भी समुद्र मंथन से निकले, इसलिए उन्हें लक्ष्मी के भाई-बहन कहा गया है। कुछ पुस्तकें इसके बाद "नमोऽस्तु" वाले दो-तीन श्लोक और जोड़ती हैं; हमने मानक पाठ के १८ श्लोक दिए हैं।

यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
IAST (scholarly)
namo'stu nālīkanibhānanāyainamo'stu dugdhodadhijanmabhūmyai|namo'stu somāmṛtasodarāyainamo'stu nārāyaṇavallabhāyai||
Telugu
నమోఽస్తు నాలీకనిభాననాయైనమోఽస్తు దుగ్ధోదధిజన్మభూమ్యై।నమోఽస్తు సోమామృతసోదరాయైనమోఽస్తు నారాయణవల్లభాయై॥
Tamil
நமோ(அ)ஸ்து நாலீகநிபா⁴நநாயைநமோ(அ)ஸ்து து³க்³தோ⁴த³தி⁴ஜந்மபூ⁴ம்யை।நமோ(அ)ஸ்து ஸோமாம்ருʼதஸோத³ராயைநமோ(அ)ஸ்து நாராயணவல்லபா⁴யை॥
Kannada
ನಮೋಽಸ್ತು ನಾಲೀಕನಿಭಾನನಾಯೈನಮೋಽಸ್ತು ದುಗ್ಧೋದಧಿಜನ್ಮಭೂಮ್ಯೈ।ನಮೋಽಸ್ತು ಸೋಮಾಮೃತಸೋದರಾಯೈನಮೋಽಸ್ತು ನಾರಾಯಣವಲ್ಲಭಾಯೈ॥
Malayalam
നമോഽസ്തു നാലീകനിഭാനനായൈനമോഽസ്തു ദുഗ്ധോദധിജന്മഭൂമ്യൈ।നമോഽസ്തു സോമാമൃതസോദരായൈനമോഽസ്തു നാരായണവല്ലഭായൈ॥
Gujarati
નમોઽસ્તુ નાલીકનિભાનનાયૈનમોઽસ્તુ દુગ્ધોદધિજન્મભૂમ્યૈ।નમોઽસ્તુ સોમામૃતસોદરાયૈનમોઽસ્તુ નારાયણવલ્લભાયૈ॥
Bengali
নমোঽস্তু নালীকনিভাননাযৈনমোঽস্তু দুগ্ধোদধিজন্মভূম্যৈ।নমোঽস্তু সোমামৃতসোদরাযৈনমোঽস্তু নারাযণবল্লভাযৈ॥

पूरे पाठ पर लौटें