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महालक्ष्म्यष्टकम्: श्लोक ५
आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि। Adyanta Rahite Devi Adya Shakti Maheshwari
योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥ Yogaje Yoga Sambhute Mahalakshmi Namostu Te
भावार्थ
हे आदि और अंत से रहित देवी, आप आदिशक्ति और महेश्वरी हैं। आप योग से उत्पन्न हैं और योग से ही प्रकट होती हैं। हे महालक्ष्मी, आपको नमस्कार है।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आद्यन्तरहिते Adyanta Rahite | आदि और अंत से रहित |
| देवि Devi | हे देवी |
| आद्यशक्तिमहेश्वरि Adya Shakti Maheshwari | आदिशक्ति, महेश्वरी |
| योगजे Yogaje | योग से उत्पन्न |
| योगसम्भूते Yoga Sambhute | योग से प्रकट |
| महालक्ष्मि Mahalakshmi | हे महालक्ष्मी |
| नमोऽस्तु ते Namostu Te | आपको नमस्कार है |
इस पद का महत्व
स्तोत्रनिधि में "योगजे" का पाठांतर "योगज्ञे" (योग को जानने वाली) दिया गया है।
यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
- IAST (scholarly)
- ādyantarahite devi ādyaśaktimaheśvari|yogaje yogasambhūte mahālakṣmi namo'stu te||
- Telugu
- ఆద్యంతరహితే దేవి ఆద్యశక్తిమహేశ్వరి।యోగజే యోగసంభూతే మహాలక్ష్మి నమోఽస్తు తే॥
- Tamil
- ஆத்³யந்தரஹிதே தே³வி ஆத்³யஶக்திமஹேஶ்வரி।யோக³ஜே யோக³ஸம்பூ⁴தே மஹாலக்ஷ்மி நமோ(அ)ஸ்து தே॥
- Kannada
- ಆದ್ಯಂತರಹಿತೇ ದೇವಿ ಆದ್ಯಶಕ್ತಿಮಹೇಶ್ವರಿ।ಯೋಗಜೇ ಯೋಗಸಂಭೂತೇ ಮಹಾಲಕ್ಷ್ಮಿ ನಮೋಽಸ್ತು ತೇ॥
- Malayalam
- ആദ്യന്തരഹിതേ ദേവി ആദ്യശക്തിമഹേശ്വരി।യോഗജേ യോഗസമ്ഭൂതേ മഹാലക്ഷ്മി നമോഽസ്തു തേ॥
- Gujarati
- આદ્યન્તરહિતે દેવિ આદ્યશક્તિમહેશ્વરિ।યોગજે યોગસમ્ભૂતે મહાલક્ષ્મિ નમોઽસ્તુ તે॥
- Bengali
- আদ্যন্তরহিতে দেবি আদ্যশক্তিমহেশ্বরি।যোগজে যোগসম্ভূতে মহালক্ষ্মি নমোঽস্তু তে॥