43 में से पद 5
श्री हनुमान चालीसा: चौपाई ३
महाबीर बिक्रम बजरंगी। Mahabir Bikram Bajrangi
कुमति निवार सुमति के संगी॥ Kumati Nivar Sumati Ke Sangi
भावार्थ
आप महान वीर, पराक्रमी और वज्र के समान अंगों वाले (बजरंगी) हैं। आप दुर्बुद्धि को दूर करते हैं और सद्बुद्धि के साथी हैं।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| महाबीर Mahabir | महान वीर |
| बिक्रम Bikram | पराक्रमी |
| बजरंगी Bajrangi | वज्र के समान अंगों वाले |
| कुमति Kumati | दुर्बुद्धि |
| निवार Nivar | दूर करने वाले |
| सुमति Sumati | सद्बुद्धि |
| के Ke | के |
| संगी Sangi | साथी |
इस पद का महत्व
'बजरंगी' शब्द 'वज्र-अंग' से बना है, यानी जिसके अंग वज्र के समान हों। इसी से 'बजरंगबली' नाम बना।
यह पद दूसरी लिपियों में पढ़ें
- IAST (scholarly)
- mahābīra bikrama bajaraṃgī|kumati nivāra sumati ke saṃgī||
- Telugu
- మహాబీర్ బిక్రమ్ బజరంగీ।కుమతి నివార్ సుమతి కే సంగీ॥
- Tamil
- மஹாபீ³ர் பி³க்ரம் ப³ஜரங்கீ³।குமதி நிவார் ஸுமதி கே ஸங்கீ³॥
- Kannada
- ಮಹಾಬೀರ್ ಬಿಕ್ರಮ್ ಬಜರಂಗೀ।ಕುಮತಿ ನಿವಾರ್ ಸುಮತಿ ಕೇ ಸಂಗೀ॥
- Malayalam
- മഹാബീര് ബിക്രമ് ബജരംഗീ।കുമതി നിവാര് സുമതി കേ സംഗീ॥
- Gujarati
- મહાબીર્ બિક્રમ્ બજરંગી।કુમતિ નિવાર્ સુમતિ કે સંગી॥
- Bengali
- মহাবীর্ বিক্রম্ বজরংগী।কুমতি নিবার্ সুমতি কে সংগী॥