दीवाली के पाँच दिन
धनतेरस से भाई दूज तक, दीवाली के हर दिन एक छोटा पाठ: कुबेर और लक्ष्मी, छोटी दीवाली पर हनुमान, लक्ष्मी पूजन का पूरा क्रम, गोवर्धन पूजा पर कृष्ण, और भाई दूज पर समापन प्रार्थना।
5 दिन · हर बार लगभग 8 मिनट
संकल्प पूरा हुआ। आपने हर चरण निभाया।
दिन-ब-दिन
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वक्रतुण्ड महाकाय · कुबेर मंत्र · ॐ जय लक्ष्मी माता
धनतेरस। सूर्यास्त के बाद लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें, फिर यम के लिए दक्षिण की ओर चौमुखा दीया रखें (यम दीपदान)।
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नरक चतुर्दशी या छोटी दीवाली। अयोध्या में और उत्तर भारत तथा गुजरात के बहुत से घरों में आज हनुमान जी की पूजा होती है। तमिल और दक्षिण भारत के बहुत से घरों में दीपावली आज भोर में ही मनाई जाती है, सूर्योदय से पहले तेल स्नान के साथ।
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वक्रतुण्ड महाकाय · श्रीसूक्तम् · महालक्ष्म्यष्टकम् · ॐ जय लक्ष्मी माता
दीवाली, लक्ष्मी पूजन। गणेश जी से आरंभ करें, फिर श्री सूक्त और अष्टकम, और अपने शहर के मुहूर्त में आरती से समापन करें।
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मधुराष्टकम् · आरती कुंजबिहारी की
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट, गोवर्धन उठाने वाले कृष्ण के लिए। गुजरात में आज नया वर्ष, बेस्तु वरस, भी है।
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वक्रतुण्ड महाकाय · ॐ जय जगदीश हरे
भाई दूज। बहन दोपहर बाद भाई का तिलक और आरती करती है और उसके लिए प्रार्थना करती है।
कैलेंडर में रिमाइंडर
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